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यह पृष्ठ आपके लिए है अगर: आपने आरटीआई के बारे में सुना है लेकिन कभी भरा नहीं; या आपने भरा पर कोई जवाब नहीं आया; या कोई सरकारी काम अटका है और आप उसे हिलाना चाहते हैं। 10 रुपये, 30 दिन, एक पन्ने का आवेदन — बस इतना चाहिए।
यह पृष्ठ सबसे पहले हिन्दी में लिखा गया है। अंग्रेज़ी गाइड के लिए How to File RTI Online in India देखें।
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 भारत के प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार देता है कि वह किसी भी सार्वजनिक प्राधिकरण — मंत्रालय, विभाग, नगर निगम, पुलिस, स्कूल, अस्पताल, बिजली बोर्ड — से उसके पास उपलब्ध अभिलेख (records) की प्रति माँग सके।
यह क़ानून कहता है:
एक पंक्ति में लिखिए। उदाहरण:
अपनी समस्या से संबंधित जन सूचना अधिकारी (PIO) का नाम व पता खोजिए:
नीचे दिए नमूने का इस्तेमाल कीजिए। A4 काग़ज़ पर, साफ़ लिखावट में।
सेवा में,
जन सूचना अधिकारी,
[कार्यालय का नाम व पूरा पता]
विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के अन्तर्गत
सूचना प्राप्ति हेतु आवेदन।
महोदय,
मैं, [पूरा नाम], पुत्र/पुत्री [पिता/माँ का नाम], निवासी
[पूरा पता, पिन], भारत का नागरिक हूँ, और निम्नलिखित सूचना की
माँग कर रहा/रही हूँ:
1. [विशिष्ट अभिलेख का नाम]
2. [दिनांक / अवधि]
3. [पहचान-सूचक]
आवेदन शुल्क ₹10 — IPO क्रमांक ________ संलग्न है।
मैं भारत का नागरिक हूँ।
कृपया उत्तर नीचे दिए पते पर पंजीकृत डाक से भेजें।
सादर,
[हस्ताक्षर]
नाम:
पता:
पिन:
मोबाइल:
दिनांक:
तीन तरीक़ों में से कोई एक:
“क्यों” नहीं, “क्या अभिलेख” पूछिए।
यह एक बदलाव ज़्यादातर अस्वीकृतियाँ रोक देता है। पूरा गाइड: Ask for records, not answers।
क्या मुझे कारण बताना होगा कि मैं यह सूचना क्यों चाहता हूँ?
नहीं। धारा 6(2) के तहत PIO कारण नहीं पूछ सकता।
मैं अनपढ़ हूँ, क्या करूँ?
PIO की ज़िम्मेदारी है कि वह आपकी मौखिक माँग को लिखित रूप में उतारे (धारा 6(1) का परंतुक)।
क्या मुझे हिन्दी में लिखना ज़रूरी है?
नहीं, हिन्दी / अंग्रेज़ी / क्षेत्रीय भाषा — किसी भी मान्य भाषा में लिख सकते हैं।
अगर मेरा आवेदन ग़लत विभाग में चला गया?
PIO को 5 दिनों में सही विभाग को धारा 6(3) के तहत अग्रेषित करना होगा।
अगर कोई जवाब न आए?
धारा 7(2) के अनुसार 30 दिन बाद चुप्पी का अर्थ “इनकार”। तुरंत पहली अपील दायर कीजिए।
अंतिम पुनरीक्षण: 21 अप्रैल 2026।